क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी,
अब तक के सारे अपराध
धो डालो तन की चादर को,
लगे है उसमे जो भी दाग
क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी,
अब तक के सारे अपराध
क्षमा करो..
तुम तो प्रभुजी मानसरोवर,
अमृत जल से भरे हुए
पारस तुम हो, इक लोहा मै,
कंचन होवे जो ही छुवे
तज के जग की सारी माया,
तुमसे कर लू मै अनुराग
धो डालो तन की चादर को,
लगे है उसमे जो भी दाग
क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी,
अब तक के सारे अपराध
क्षमा करो..
काम क्रोध में फंसा रहा मन,
सच्ची डगर नहीं जानी
लोभ मोह मद में रहकर प्रभु,
कर डाली मनमानी
मनमानी में दिशा गलत लें,
पंहुचा वहां जहाँ है आग
धो डालो तन की चादर को,
लगे है उसमे जो भी दाग
क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी,
अब तक के सारे अपराध
क्षमा करो..
इस सुन्दर तन की रचना कर,
तुमने जो उपकार किया
हमने उस सुन्दर तन पर प्रभु,
अपराधो का भार दिया
नारायण अब शरण तुम्हारे,
तुमसे प्रीत होये निज राग
क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी,
अब तक के सारे अपराध
क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी,
अब तक के सारे अपराध
धो डालो तन की चादर को,
लगे है उसमे जो भी दाग
क्षमा करो, क्षमा करो...
असली पूजा
ये लड़की कितनी नास्तिक है ...हर रोज मंदिर के सामने से गुजरेगी मगर अंदर आकर आरती में शामिल होना तो दूर, भगवान की मूर्ति ...
-
रात बीतने को आई किन्तु वकील साहब की आँखों में नींद नहीं थी| सारी सात वे अँधेरे में ही कमरे की छत की ओर आँखें गड़ाए ताकते रहे| कभी करवट बदलत...
-
इन 60-65 साल के अंकल आंटी का झगड़ा ख़त्म ही नहीं होता..... एक बार मैंने सोचा अंकल और आंटी से बात करू क्यों लड़ते हैं, हर वक़्त आख़ि...
-
फ़ुर्सत में था , सोचा चलो आज थोड़ी सी जिंदगी सुलझा लूँ । अलमारी खोली तो ढ़ेर सारे सपनें नीचे गिर गये , ना जाने कब से रखे थे वहाँ , बे...